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Tag: हिंदी साहित्य

परछाई

परछाई

जिंदगी को जीना आप ने सिखाया हैं, हर दिन खुद को बेहतर बनना आप ने बताया हैं जितना भी हुनर ...

फुरसत के लम्हें

फुरसत के लम्हें

ज़िन्दगी में हजारों लोग आते हैं, और चले जाते है, जो लोग रह जाते है, वो रिश्ते कहलाते है जिनको ...

औरत!!

औरत!!

  घर ही नहीं, दफ्तर भी संभालती है, वो रोज़ सुबह जल्दी उठ जाती है, स्कूल में पहले बच्चो को ...

दिल लगा बैठे!!

दिल लगा बैठे!!

जाने अनजाने जाने कैसे ख्वाब सज़ा बैठे.. जिसे मोहब्बत का मतलब भी नहीं मालूम था.. उसी से दिल लगा बैठे... ...

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પૂછી શક્યો કે?

પૂછી શક્યો કે?

માનવનો દેહ લઈને, માનવ બની શક્યો કે? સૌને પૂછે ભલે તું, ખુદને પૂછી શક્યો કે? તારી જ આજુબાજુ, લાખ્ખો રડી...

બાપ્પા નો થાળ…. 

બાપ્પા નો થાળ…. 

બાપ્પા નો થાળ.... બાપ્પા ઓ બાપ્પા, ગણપતિ બાપ્પા, જમવા પધારો, ગણપતિ બાપ્પા... છપ્પન ભોગ છે, એમાં મારો પ્રેમ છે, વિધ...

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